इजरायल में अरबी एक आधिकारिक भाषा है और इसे कल्चरल ब्रिज माना जाता है

दुनिया भर में अरब भाषी लोग 420 मिलियन से अधिक हैं। इनमें से 1.7 मिलियन इजरायल में रहते हैं, जो कि देश की पूरी आबादी के 20 फीसदी हैं। इजरायल में अरबी भाषा का प्रयोग रोजमर्रा की जिंदगी में मुस्लिम, क्रिश्चन और द्रूज समुदाय के अलावा वे यहूदी भी करते हैं जिनका मूल अरब देशों से जुड़ा हुआ है। अरबी इजरायल में हिब्रू के समानांतर आधिकारिक भाषा है।
इजरायल मे आधिकारिक भाषा और इसका महत्व
इजरायल मे आधिकारिक भाषा और इसका महत्व
अरबी से जुड़े कुछ और रोचक तथ्य –
- हिब्रू और अरबी दोनों भाषाएं दाएं से बाएं लिखी जाती हैं। दोनों भाषाओं के बीच संरचना और शब्दावली से संबंधित भी कई सारी समानताएं हैं। यह कोई आश्चर्य नहीं कि दोनों एक ही ‘परिवार’ सामी भाषा से संबंध रखती हैं।
- देश का कानून आधिकारिक रूप से हिब्रू, अरबी और अंग्रेजी में प्रकाशित होता है।
- सड़कों पर लगे दिशासूचकों, खाद्य पदार्थों के पैकेट के लेबल, दवाओं के ब्रॉशर, सुरक्षा नियमों की जानकारी और सरकार की ओर से प्रकाशित या प्रेषित संवाद अरबी में जरूर अनुवादित होते हैं। वास्तव में, इजरायल में अधिकतर संकेतक हिब्रू, अरबी और अंग्रेजी में होते हैं।
- चुनावों से संबंधित तमाम सूचनाएं अरबी में भी जरूर उपलब्ध कराए जाते हैं।
- इजरायली संसद कनेसेट में सदस्य अपना भाषण अरबी में भी दे सकते हैं। कुछ कनेसेट सदस्य ऐसा करते भी हैं। इस साल 24 मई को कनेसेट ने अपना अरबी भाषा दिवस चिन्हित किया और इजरायल में अरबी भाषा की स्थिति जानने के लिए एक विशेष कमिटी की बैठक आयोजित की गई।
- मीडिया के लिए भी मापदंड तय है। वहीं, इजरायल में पब्लिक मीडिया प्रॉडक्शन (टीवी, रेडिया) का एक हिस्सा अरबी में जरूर होना चाहिए। इसी तरह कमर्शियल चैनल, विभिन्न मीडिया हाउस और एडवरटाइजिंग कंपनियों की ओर से नियमित रूप से अरबी में प्रसारण किया जाता है। ऑनलाइन की दुनिया में भी इससे कुछ अलग नहीं है। इजरायल की कई वेबसाइट अपनी सेवा अरबी में देती है, जिसकी शुरुआत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट से की गई।

शिक्षा प्रणाली में अरबी भाषा
इजरायली स्कूलः अरबी भाषा की पढ़ाई, संस्कृति और इतिहास इजरायली शैक्षणिक पाठ्यक्रम का हिस्सा है। उच्च शिक्षा में देखें तो इजरायल के विश्वविद्यालयों में अरबी भाषा व साहित्य के विभाग विश्वस्तर के हैं जो कि अरबी व यहूदी दोनों मूल के छात्रों को आकर्षित करते हैं।

इजरायल में अरबी भाषा अकादमीः इजरायल में अरबी भाषा का महत्व समझते हुए साल 2007 में आधिकारिक रूप से अरबी भाषा अकादमी की स्थापना की गई। यह संस्थान हाइफा शहर में है, जिसके प्रमुख प्रोफेसर महमूद घनायम हैं। वे अरबी भाषा, संस्कृति और साहित्य के लिए पूरी तरह से समर्पित हैं।

संभावनाएः इजरायल अरबी भाषा के ज्ञान में वृद्धि करने और देश में इसे अधिक से अधिक लोकप्रिय बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है। देश मानता है कि सांस्कृतिक दूरियों को पाटने के लिए शिक्षा एक बेहतर उपाय है। यहां यहूदी और अरब मूल के लोगों के बीच शांतिपूर्ण सहअस्तित्व को बढ़ावा देने की कोशिशें जारी हैं।
Axact

न्यूज़ टेक कैफ़े

यहां पर हम हिंदी में टी वी की नई जानकारियां उपलब्ध कराते हैं। कृपया हमारे ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।ादा से ज्यादा शेयर करें

Post A Comment:

0 comments: