मास जहर तो नहीं है किंतु इससे भी अनेक दोष उत्पन्न होते हैं जो शरीर और स्वास्थ्य के लिए घातक है अधिक मास खाने वालों को बदहजमी पेट का भारीपन कब्ज इत्यादि की शिकायतें उत्पन्न हो जाती है !


वैसे भी मांस उत्तेजक पदार्थ है और जब इसकी आदत पड़ जाती है तो इसके बिना शरीर में भारीपन और आलस्य रहता है तथा किसी काम में मन नहीं लगता अनेक बार रोगी पशुओं का मांस खाने में आ जाता है !
क्या मांसाहारी भोजन जरूरी है ? | Is Non-Veg Food is necessary ?जिससे मनुष्य को भी वे रोग पैदा हो जाते हैं कितनी ही व्यक्ति मांस भक्षण को मोटे ताजे स्वस्थ रहने का उपाय बता कर विवाद करते है!


ऐसे मांसाहारी उन पतियों को नहीं जानते जिनका उल्लेख बहुत लोगों ने किया है संसार में बड़े बड़े बलशाली ओ का भोजन दूध सात अनाज सरकारिया मेरे इतिहास रहे हैं उधारण के निमित संसार प्रसिद्ध विचारक नाटककार जॉर्ज बर्नार्ड शा को ही देखिए !


शा के डॉक्टरों ने कहा  था  कि मांस बिना तुम मर जाओगे उन्होंने निर्भीकता पूर्वक उत्तर दिया "अच्छा हमें केवल प्रयोग करके ही देखना चाहिए यदि मैं जीवित रहा तो आशा करता हूं कि आप भी निरामिष भौजी हो जाएंगे " !


शायद कल तक शाक्त अधिकारियों और फलों पर जीवित रहे मुनि तथा योगी संत  सदा मास से दूर रहें और दीर्घकाल तक स्वास्थ्य का आनंद लेते रहे फिर हम क्यों मांस खाए सोचिए!
Axact

न्यूज़ टेक कैफ़े

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