प्र.1.5. नीचे दिया गया प्रत्येक वाक्य चार भागों में बांटा गया है। जिन्हें (1), (2), (3) और (4) क्रमांक दिए गए हैं। आपको यह देखना है कि वाक्य के किसी भाग में व्याकरण, भाषा, वर्तनी, शब्दों को गलत प्रयोग या इसी तरह की कोई त्रुटि अगर होगी तो वाक्य के किसी एक भाग में ही होगी। उस भाग का क्रमांक ही उत्तर है। अगर वाक्य सही है तो उत्तर (5) अर्थात् ‘कोई अशुद्धि नहीं है‘ दीजिए।


प्र.1. जो भी चीज हमारे लिए उपयोगी है (1)/ या हमें अच्छा लगती है, उसे हम औरों (2)/से लेते हैं, बगैर यह सोचे कि बदले में (3)/उन्हें हम कुछ दे रहे हैं या नहीं।(4)/कोई अशुद्धि नहीं है।(5)


प्र.2. अगर संस्कृत हमारी राष्ट्रभाषा होती (1)/तो भाषा को लेकर जितने विवाद (2)/इस देश में हुए या हो रहे हैं, (3)/ वे नहीं होते। (4)/कोई अशुद्धि नहीं है।(5)


प्र.3. सीबीआई निदेशक की नियुक्ति (1)/एक चयन मंडली करेगा जिसमें (2)/प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और देश के चीफ जस्टिस शामिल होंगे।(4)/कोई अशुद्धि नहीं है।(5)


प्र.4. एक अध्ययन से पता चलता है (1)/कि ओबामा के कार्यकाल के दौरान (2)/ब्लैक अमेरिकियों की स्थिति में सुधार होने (3)/के बजाय और गिरावट आ गई है।(4)/कोई अशुद्धि नहीं है।(5)


प्र.135. भारत खिलाफ (1)/आतंकी साजिशें रचने वाले संगठनों (2)/को अत्याधुनिक तकनीक, असाधारण प्रतिबद्धता और एक-दो देशों (3)/के सैनिक और खुफिया ढांचों का समर्थन प्राप्त है।(4)/कोई अशुद्धि नहीं है।(5)


प्र.6.10. निम्नलिखित प्रत्येक प्रश्न में एक संक्षिप्त गद्यांश दिया गया है जिसमें एक पंक्ति या वाक्यांश लुप्त है जिसे रिक्त स्थान द्वारा दर्शाया गया है। गद्यांश को पूर्ण व संगत बनाने के लिये दिये गये पाँच उत्तर विकल्पों में से सर्वश्रेष्ठ विकल्प का चयन कीजिये।


प्र.6. वर्ष 2050 का वैश्विक ऊर्जा तंत्र आज के ऊर्जा माहौल से पूरी तरह जुदा होगा। इस आमूलचूल बदलाव की वजह होगी सस्ते तरल ईंधनों की घटती आपूर्ति और जलवायु परिवर्तन के जोखिमों पर काबू पाने के लिए कार्बन उत्सर्जन घटाने का भारी दबाव। हालांकि ये कारक पात्रता पर निर्भर करते हैं लेकिन इस बात की संभावना काफी ज्यादा है कि इससे ऊर्जा उत्पादन और इस्तेमाल बढ़ाने के लिए तकनीकी उन्नयन, ऊर्जा राजनीति और स्थानीय से लेकर वैश्विक स्तर तक ऊर्जा कारोबार के संगठन को बढ़ावा मिलेगा। दुनिया भर के देशों ने वैश्विक तापमान में बढ़ोतरी को 2 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर सहमति जताई है। वर्ष 2050 तक ---------------------------------------जो कार्बन उत्पादकता में 10 गुना बढ़ोतरी का संकेत देता है।


(1) मौजूदा तकनीक और कारोबारी मॉडल ऐसा नहीं कर सकते हैं और इसलिए इन दोनों क्षेत्रों में भारी बदलाव करना होगा,


(2) वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को घटाने के लिये वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद को मौजूदा दर से करीब एक पांचवां हिस्सा कम करना होगा,


(3) उत्पादन, कौशल व दक्षता के माध्यम से सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि के लिये मौजूदा तकनीक और कारोबारी मॉडल में आमूलचूल परिवर्तन करना होगा,


(4) सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि के लिये स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों की तलाश करनी होगी और जीवाश्म आधारित ईंधन का त्याग करना होगा,


(5) वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को घटाकर मौजूदा उत्सर्जन का करीब आधा करना होगा जबकि वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद मौजूदा दर का करीब पांच गुना होगा,


प्र.7. लोक सभा में भूमि अधिग्रहण विधेयक पारित होने के बाद प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी आने और परियोजनाओं में देरी होने की आशंका है। इसका असर किफायती मकानों वाली परियोजनाओं पर भी पड़ सकता है। विश्लेषकों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण विधेयक से रियल एस्टेट, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, हवाईअड्डे, बिजली, विनिर्माण और खनन जैसे उद्योगों के विकास पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। विधेयक में प्रावधान है कि ----------------------- इसके अलावा मुआवजा भी देना पड़ेगा। इससे परियोजना की लागत बढ़ सकती है।


(1) सूचीबद्ध रियल्टी कंपनियों के पास 15 से 25 साल के लिए पर्याप्त जमीन होने के कारण उन्हें जमीन सस्ती कीमत पर उपलब्ध नहीं करायी जायेगी।


(2) कंपनियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण की लागत घट जायेगी परंतु उद्योगों को नई परियोजनाएं लगाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।


(3) अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को ग्रामीण इलाकों में जमीन के बाजार मूल्य की चार गुनी और शहरी इलाकों में दो गुनी कीमत मिलेगी।


(4) कंपनियों के लिए शहरी क्षेत्रों में जमीन की कीमत बाजार मूल्य की दो से चार गुना तक बढ़ेगी और सस्ती हाउसिंग परियोजनाओं को झटका लग सकता है।



(5) कंपनियों के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन की कीमत बाजार मूल्य की दो से चार गुना तक बढ़ेगी तो निश्चित तौर पर वास्तविक उत्पाद के दाम भी बढ़ेंगे।

Hindi Language For IBPS RRBs-CWE-IV 2015 Exam Preparation
Hindi Language For IBPS RRBs-CWE-IV 2015 Exam Preparation

प्र.8. आगरा में 27 से 29 जनवरी तक भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से होने जा रही ‘पार्टनरशिप समिट 2013’ में स्थानीय उद्यमियों की भागीदारी को लेकर ऊहापोह की स्थिति है। ------------------------------- इस समझौते के साथ ही उत्तर प्रदेश में हो रहे इस महत्वपूर्ण आयोजन की राह की सबसे बड़ी कठिनाई दूर हो गयी है। आगरा सम्मेलन में उचित प्रतिनिधित्व न दिए जाने को लेकर स्थानीय उद्यमी नाराज थे और वे सम्मेलन को स्थानीय स्तर पर कोई सहयोग ने देने की बात कर रहे थे। हालांकि सम्मेलन में शामिल होने के लिए आगरा के स्थानीय उद्यमियों की ओर से 600 से अधिक आवेदन आए हैं, लेकिन यहां केवल 400 स्थानीय उद्यमी ही हिस्सा ले सकते हैं।


(1) प्रदेश सरकार ने इस स्थिति पर विराम लगाते हुए सम्मेलन में भाग लेने जा रहे आगरा के उद्यमियों की संख्या पर सीमा को हटा दिया है।


(2) प्रदेश सरकार ने इस स्थिति पर विराम लगाते हुए सम्मेलन में भाग लेने जा रहे आगरा के उद्यमियों की संख्या को सीमित कर दिया है।


(3) स्थानीय उत्पादों का विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र के आधार पर ‘ब्रांडिंग-रहित’ प्रदर्शन किया जाएगा।


(4) आवंटन की प्रक्रिया को सीआईआई नहीं, बल्कि जिला औद्योगिक केंद्र के माध्यम से पूरा किया जाएगा।


(5) स्थानीय उत्पादों का विभिन्न औद्योगिक क्षेत्र के आधार पर केवल ब्रांडेड वस्तुओं का प्रदर्शन किया जाएगा।


प्र.9. उत्तर प्रदेश सरकार अब खाली पड़ी सरकारी जमीनों को उद्योग लगाने के लिए उद्यमियों को देगी। राज्य सरकार अपने विभागों एवं अधीनस्थ संस्थाओं की अनुपयोगी व अनुपयुक्त भूमि को अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास हेतु उपयोग करने पर विचार कर रही है। उत्तर प्रदेश की अवस्थापना एवं औद्योगिक निवेश नीति 2012 में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास की गति बढ़ाने के लिए भूमि बैंक के सृजन का प्रावधान किया गया है, ------------------ अतः इस उद्देश्य की प्राप्ति हेतु तथा द्वि-फसली भूमि को अवस्थापना विकास से बचाने हेतु अनुपयुक्त सरकारी भूमि का उपयोग विचाराधीन है।


(1) क्योंकि इसके लिए बैंक मूलभूत आवश्यकता है।


(2) क्योंकि इसके लिए उद्योग मूलभूत आवश्यकता है।


(3) क्योंकि इसके लिए भूमि मूलभूत आवश्यकता है।


(4) क्योंकि इसके लिए सरकारी उद्योग मूलभूत आवश्यकता है।


(5) क्योंकि इसके लिए रोजगार मूलभूत आवश्यकता है।


प्र.10. धरमजयगढ़ को पहले उदयपुर के नाम से जाना जाता था और इसका नेतृत्व जमींदार कल्याण सिंह किया करते थे। 1852 में ब्रिटिश शासन ने सिंह और उनके दो भाइयों को नर बलि के आरोपों में गिरफ्तार कर रांची की जेल में बंद कर दिया। 1857 में जब विद्रोह हुआ तो सिंह के भाई धीरज और शिवराज जेल से भाग कर उदयपुर पहुंच गए। उन्होंने उदयपुर में दोबारा से कब्जा जमा लिया और लोगों से कहा कि वे ब्रिटिश शासन को कर न दें। -------------------------------- तब छोटा नागपुर के तत्कालीन जिला आयुक्त एडवर्ड टूइट डाल्टन ने लोगों को फरमान जारी किया कि वे धीरज को कर भुगतान बंद कर दें जो वहां का जमींदार बन चुका था।


(1) उन्होंने लोगों से खुद कर जमा कर अंग्रेजों को देना शुरू कर दिया।


(2) उन्होंने लोगों एकत्र कर अंग्रेजो से कर वसूल करना शुरू कर दिया।


(3) उन्होंने खुद अंग्रेजों से मिलकर लोगों का कर माफ करना शुरू कर दिया।


(4) उन्होंने लोगों से खुद कर जमा करना शुरू कर दिया।


(5) उन्होंने अंग्रेजों की हिस्सेदारी में कर वसूलना शुरू कर दिया।


उत्तर 

प्र.1.(2) प्र.2.(5) प्र.3.(2) प्र.4.(5) प्र.5.(1) प्र.6.(5) प्र.7.(5) प्र.8.(2) प्र.9.(3) प्र.10.(4)
Axact

न्यूज़ टेक कैफ़े

यहां पर हम हिंदी में टी वी की नई जानकारियां उपलब्ध कराते हैं। कृपया हमारे ब्लॉग को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें।ादा से ज्यादा शेयर करें

Post A Comment:

0 comments: