नीचे दिए गए परिच्छेद में कुछ रिक्त स्थान दिए गए हैं तथा उन्हें प्रश्न संख्या से दर्शाया गया है। ये संख्याएं परिच्छेद के नीचे मुद्रित हैं, और प्रत्येक के सामने (1), (2), (3), (4) और (5) विकल्प दिए गए हैं। इन पांचों में से कोई एक इस रिक्त स्थान को पूरे परिच्छेद के संदर्भ में उपयुक्त ढंग से पूरा कर देता हैं आपको वह विकल्प ज्ञात करना है, और उसका क्रमांक ही उत्तर के रूप में दर्शाना है। आपको दिए गए विकल्पों में से सबसे उपयुक्त का चयन करना है।

राजधानी दिल्ली सहित तमाम महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण से स्वास्थ्य संबंधी (--1--) को लोग रोजाना महसूस करते हैं। पर यह हालत अब बहुत खतरनाक रूप ले चुकी है। स्कूली बच्चों पर हुए ताजा अध्ययन से पता चला है कि दिल्ली में करीब चालीस प्रतिशत बच्चों के फेफड़े कमजोर हैं। फेफड़े के कमजोर होने का मतलब है कि बच्चा न तो (--2--) मात्रा में आक्सीजन खींच सकता है और न कार्बन डाईआक्साइड बाहर फेंक सकता है। इससे उसके रक्त प्रवाह पर भी असर पड़ता है। जाहिर है, इस तरह उसका (--3--) बाधित होता है। इसकी बड़ी वजह शहरों में हवा की गुणवत्ता का स्तर निरंतर नीचे गिरना है।


दिल्ली की आबोहवा सुधारने के मकसद से कई कड़े (--4--) उठाए गए। कचरा जलाने, कारखानों, जनरेटर आदि से निकलने वाले धुएं पर रोक लगाने के लिए जुर्माने का (--5--) किया गया। पर इस सबका अपेक्षित नतीजा नहीं दिखता। हवा में घुलते जहर का असर न केवल फेफड़े पर, बल्कि त्वचा, आंख, स्मरणशक्ति आदि पर भी पड़ता है। इसकी चपेट में बच्चे इसलिए सबसे अधिक आते हैं कि उनका (--6--) अभी विकास की प्रक्रिया में होता है। यही वजह है कि खराब हवा से बच्चों में दमे की शिकायत लगातार बढ़ रही है। हैरानी की बात है कि इन तथ्यों से वाकिफ होते हुए भी पर्यावरण मंत्रालय का रवैया बेफिक्री का है।


पिछले कई साल से दिल्ली की पहचान ऐसे शहर के रूप में है जहां की हवा दुनिया में सबसे ज्यादा प्रदूषित है। इससे पार पाने के लिए हर साल (--7--) बांधे जाते हैं, वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करने के उपायों पर चर्चा होती है, कुछ नए जुर्माने तय होते हैं। पर समस्या जस की तस बनी रहती है। हकीकत यह है कि हर साल सड़कों पर नए वाहनों की तादाद कुछ बढ़ी हुई दर्ज होती है। आज तक वाहनों की बिक्री को नियंत्रित करने के प्रयास नहीं हुए। सारी कंपनियां हर आयवर्ग को ध्यान में रख कर और आकर्षक गाडि़यां बाजार में उतारती और सस्ते कर्ज पर उन्हें उपलब्ध कराने की होड़ में लगी रहती हैं। इन गाडि़यों से पर्यावरण को कितना नुकसान पहुंचता है, इसका (--8--) करने की जरूरत शायद किसी को नहीं है। जो आंकड़े आते भी हैं उन्हें नजरअंदाज करने की जैसे प्रवृत्ति बन गई है। गाडि़यों के अलावा घरों-दफ्तरों-बाजारों आदि में लगे जनरेटरों, एअरकंडीशनरों आदि से निकलने वाली गैसें भी हवा में घुल कर जहर की मात्रा बढ़ा देती हैं।
Hindi Language For IBPS RRBs-CWE-IV 2015 Exam Preparation | Fill in the Blanks
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लेकिन पिछले कुछ सालों से जिस तरह ऊंची अट्टालिकाओं वाले बंद मकान, बाजार, दफ्तर आदि बनाने का चलन बढ़ा है, उसमें बिजली पैदा करने वाले और वातानुकूलन संयंत्रों का (--9--) इस्तेमाल होने लगा है। इसे नियंत्रित करने की (--10--) कहीं नजर नहीं आती। पेड़ कट रहे हैं, जंगल खत्म हो रहे हैं, पहाड़ उजड़ रहे हैं, जिसके चलते मौसम बदलता है तो प्रदूषण की परत खिसक कर नीचे आ जाती है, फिर रेत और धूल के कण उसमें मिल कर पूरे शहर को हांफने पर मजबूर कर देते हैं।


प्र.1. (1) बीमारियों     (2) खबरों     (3) परेशानियों  (4) उपचारों    (5) मरीजों


उत्तरः (3) परेशानियों


प्र.2. (1) अधिक            (2) संतृप्त     (3) सीमित    (4) उचित     (5) असीमित


उत्तरः (4) उचित


प्र.3. (1) दिमाग      (2) विकास    (3) श्वास      (4) दृष्टि      (5) टहलना


उत्तरः (2) विकास


प्र.4. (1) कदम       (2) नियम     (3) कानून     (4) भवन      (5) संस्थान


उत्तरः (1) कदम


प्र.5. (1) समाधान     (2) कराधान    (3) आरोपण    (4) प्रावधान    (5) अवसान




उत्तरः (4) प्रावधान


प्र.6. (1) बचपन      (2) फेफड़ा     (3) श्वसन     (4) समझ     (5) शरीर


उत्तरः (5) शरीर 


प्र.7. (1) आशय       (2) लक्ष्य      (3) मंसूबे      (4) कार्यक्रम   (5) परियोजनाएं


उत्तरः (3) मंसूबे


प्र.8. (1) आंकलन     (2) अनुमान    (3) समाधान   (4) पहचान    (5) निवारण


उत्तरः (1) आंकलन


प्र.9. (1) समुचित           (2) अतार्किक   (3) आधिकारिक       (4) व्यावहारिक (5) संसाधित


उत्तरः (2) अतार्किक


प्र.10. (1) आशा       (2) व्यवस्था   (3) संभावना   (4) तैयारी     (5) कोशिश


उत्तरः (5) कोशिश
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