प्र.1.10. निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर नीचे दिये गये प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

नियंत्रण रेखा पर भारत-पाक के बीच ताजा तनाव ने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के लिए मुश्किल कशमकश पैदा कर दी है। सीमा पर ये मुश्किल भरे हालात ऐसे समय में पैदा हुए हैं, जब अमेरिका अफगानिस्तान में अपना सैन्य अभियान समेट रहा है। ऐसे में अमेरिका पूरे दक्षिण एशिया में शांतिपूर्ण माहौल चाहता है क्योंकि अल कायदा के खिलाफ अभियान में पाकिस्तान ने अग्रणी भूमिका निभायी है। ऐसे में पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा पर अपना ध्यान केंद्रित कर सके, इसलिए अमेरिका भारत-पाक सीमा पर शांति सुनिश्चित करना चाहता है। पाकिस्तान को साधने के पीछे ओबामा से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश भारत-पाक दोनों के साथ सफल संबंध कायम रखने में सफल रहे थे। पहले भारत और पाकिस्तान अपने साथ अमेरिकी भागीदारी को बिना स्कोर का खेल समझते थे क्योंकि पाकिस्तान भारत पर अमेरिका द्वारा ध्यान दिये जाने को पाकिस्तान विरोधी मानता था तथा भारत पाकिस्तान पर अमेरिका द्वारा ध्यान दिये जाने को भारत विरोधी मानता था। बुश ने भारत के साथ मजबूत रणनीतिक भागीदारी कायम की जबकि पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटों सहयोगी का दर्जा दिया, क्योंकि अब अमेरिका वर्ष 2014 तक अफगानिस्तान से पूरी तरह अपना बोरिया बिस्तर समेटना चाहता है, ऐसे में उसके लिए भारत-पाक के तनाव रहित संबंध जरूरी है। पाकिस्तान के सहयोग के बिना अमेरिका अफगास्तिान से अपने सैनिकों और सैन्य साजों-सामान को वहां से आसानी से बाहर नहीं निकाल सकता। अगर पाकिस्तान ने यह महसूस किया कि भारत-पाक तनाव को दूर करने में अमेरिका भारत का पक्ष ले रहा है तो ऐसे में पाकिस्तान अमेरिका को शायद ही सहयोग दे। ऐसे में नियंत्रणरेखा पर मौजूदा तनाव को देखते हुए अमेरिका को दोनों देशों के साथ संतुलित कूटनीतिक प्रयास करने होंगे। इसलिए आशा के अनुरूप उसने दोनों देशों को बातचीत करने और लगभग खत्म हो चुकी शांति प्रक्रिया को शुरू करने के लिए कहा है। तालिबान के साथ संवाद प्रक्रिया शुरू करने में मुश्किल को देखते हुए ओबामा प्रशासन की कशमकश दोगुनी हो गयी है। यहां पाकिस्तान भी चालाकीपूर्ण खेल खेल रहा है। वह बातचीत के लिए अमेरिकी अधिकारियों और तालिबान को एक साथ बिठाने के प्रयास कर रहा है। हालांकि वह लगातार यह भी बता रहा है कि उसकी अपनी सीमाएं हैं। अमेरिकी दखल के बारे में तालिबान भी पाकिस्तान की मुश्किलों को समझ रहा है। पाकिस्तानी तालिबान भी पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए है, इससे यह मसला और भी जटिल हो गया है। व्हाइट हाउस समझ नहीं पा रहा है कि वह पाकिस्तान पर कितना विश्वास करे। असल में जबसे अमेरिका ने एकतरफा कार्रवाई करके पाकिस्तान में छुपे बैठे ओसामा बिन लादेन को मारा है, तबसे पाकिस्तानी अमेरिकियों का विश्वास नहीं करते हैं। अफगानिस्तान के पुनर्निर्माण में भारत के प्रयासों की अमेरिका सराहना करता है लेकिन इससे पाकिस्तान खफा है। वह अपनी पश्चिमी सीमा पर भारत की कोई मौजूदगी नहीं चाहता है। अमेरिका के विदेश मंत्री जॉन केरी और उप राष्ट्रपति जो बिडेन दोनों ने अपनी हाल की यात्रा के दौरान भारत को यह भरोसा दिलाने की कोशिश की कि तालिबान के साथ वार्ता के दौरान भारतीय हितों का पूरा ध्यान रखा जायेगा। भारत के सहयोग से अफगानिस्तान से बाहर जाने के लिए अमेरिका के लिए ऐसा करना जरूरी है। आने वाले महीनों में अमेरिका के लिए यह बड़ी चुनौती होगी कि वह किस तरह से भारत-पाक मतभेदों को सुलझाता है ताकि उसे अफगानिस्तान से अपने सैनिक निकालने में दिक्कत न आये। भारत की चुनौती काबुल की अनिश्चितता भारत के सामने इससे भी बड़ी चुनौती है अफगानिस्तान से अमेरिका के चले जाने के बाद उसे वहां भारी अनिश्चितता का सामना करना है। अमेरिकी सेना की वापसी को अपनी विजय मानते हुए अफगानिस्तान और पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी आतंकी समूह अपनी आतंकी गतिविधियां तेज कर सकते हैं। तब वे अमेरिकी और नाटों की फौजों से नहीं लड़ रहे होंगे और उनके लिए भारत समेत पूरे क्षेत्र में जेहाद फैलाना ज्यादा आसान होगा। ऐसे में भारत अमेरिका रणनीतिक भागीदारी की बड़ी परीक्षा होनी है। अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान की समाप्ति के बाद अमेरिका इस क्षेत्र की आतंकी गतिविधियों से कैसे निपटता है? भारत को इस पर सावधानीपूर्वक नजर रखनी होगी। इससे भी ज्यादा अमेरिका-पाक गठबंधन भारत-अमेरिका संबंधों को प्रभावित करेगा। यदि पाकिस्तान अपने आप को अमेरिका से दूर करता है या अमेरिका अपने आपको पाकिस्तान से दूर करता है, चीन तुरंत आगे आकर पाकिस्तान के साथ अपने गठबंधन को और मजबूत कर लेगा और यह वास्तविक नियंत्रणरेखा पर समय-समय पर घुसपैठ करने वाले चीन को देखते हुए वास्तव में भारत के लिए बुरी खबर होगी। नियंत्रणरेखा और वास्तविक नियंत्रणरेखा की समस्याओं से पार पाने के लिए भारत को निकट भविष्य में पर्याप्त कूटनीतिक उपाय और सैन्य तैयारी करनी होगी।
Hindi Language For IBPS RRBs 2015 |Paragraph
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प्र.1. नियंत्रण रेखा पर भारत-पाक के बीच ताजा तनाव ने अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए मुश्किल कशमकश क्यों पैदा कर दी है?

(1) क्योंकि पाकिस्तान अफगानिस्तान सीमा पर अपना ध्यान केंद्रित कर सके।

(2) क्योंकि अमेरिका पूरे दक्षिण एशिया में शांतिपूर्ण माहौल चाहता है।

(3) क्योंकि अमेरिका अफगानिस्तान में अपना सैन्य अभियान समेट रहा है।

(4) क्योंकि अल कायदा के खिलाफ अभियान में पाकिस्तान ने अग्रणी भूमिका निभायी है।

(5) क्योंकि अमेरिका भारत-पाक सीमा पर शांति सुनिश्चित करना चाहता है।

प्र.2. अफगानिस्तान से बाहर जाने के लिए अमेरिका के लिए तालिबान के साथ वार्ता के दौरान भारतीय हितों का ध्यान रखना क्यों आवश्यक है?

(1) ताकि उसे अफगानिस्तान से अपने सैनिक निकालने में दिक्कत न आये।

(2) ताकि वह पाकिस्तान के चालाकीपूर्ण खेल से बच सके।

(3) क्योंकि अफगानिस्तान से निकलने के बाद भारत अमेरिका के लिये अधिक महत्वपूर्ण है।

(4) क्योंकि अमेरिका के अफगानिस्तान से निकलने के बाद चीन पाकिस्तान का मित्र बन जायेगा।

(5) क्योंकि पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी आतंकी समूह अमेरिकी सेना की वापसी को अपनी विजय मान रहे हैं।

प्र.3. उपरोक्त गद्यांश के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?

(1) पाकिस्तानी तालिबान भी पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध छेड़े हुए हैं।

(2) जार्ज डब्ल्यू बुश भारत-पाक दोनों के साथ सफल संबंध कायम रखने में सफल रहे थे।

(3) अल कायदा के खिलाफ अभियान में पाकिस्तान की अग्रणी भूमिका थी।

(4) अफगानिस्तान से अमेरिका के चले जाने के बाद भारत की सभी चुनौतियां समाप्त हो जायेंगी।

(5) अमेरिका ने एकतरफा कार्रवाई करके पाकिस्तान में छुपे ओसामा बिन लादेन को मारा।

प्र.4. गद्यांश के अनुसार, हाल ही में भारत की यात्रा करने वाला/वाले व्यक्ति निम्नलिखित में से कौन है/हैं?

(A) जार्ज डब्ल्यू बुश (B) जॉन केरी

(C) बराक ओबामा (D) जो बिडेन

(1) केवल B व D (2) केवल B व C (3) केवल A व B (4) केवल A व C (5) केवल A व D

प्र.5. निम्नलिखित कथनों पर ध्यान दीजियेः

(A) लादेन की हत्या के बाद पाकिस्तानी अमेरिकियों का विश्वास नहीं करते हैं।

(B) पाकिस्तान में बैठे भारत विरोधी आतंकी समूह अमेरिकी सेना की वापसी को अपनी विजय मानते हैं।

(C) काबुल का स्वतंत्र होना भारत के लिये सबसे बड़ी चुनौती है।

गद्यांश के अनुसार, उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से कथन सत्य है/हैं?

(1) केवल A (2) केवल A व B (3) केवल C (4) केवल A व C (5) सभी A, B व C

प्र.6. गद्यांश के अनुसार, निम्नलिखित में से कौन सा कार्य, अमेरिका द्वारा किया गया कार्य नहीं है?

(1) पश्चिमी सीमा पर अमेरिका की मौजूदगी

(2) पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटों सहयोगी का दर्जा

(3) भारत-पाकिस्तान की शांति प्रक्रिया की पुनः शुरूआत का नेतृत्व

(4) तालिबान के साथ संवाद प्रक्रिया की शुरूआत

(5) भारत के साथ मजबूत रणनीतिक भागीदारी

प्र.7. पाकिस्तान, अमेरिका के साथ चालाकीपूर्ण खेल खेल रहा है क्योंकि-

(1) अमेरिका भारत पर ध्यान दे रहा है।

(2) अमेरिका ने पाकिस्तान को प्रमुख गैर-नाटों सहयोगी का दर्जा दिया है।

(3) पाकिस्तान के सहयोग के बिना अमेरिका अफगास्तिान से आसानी से बाहर नहीं निकाल सकता।

(4) पाकिस्तान तालिबान को नाराज नहीं करना चाहता है।

(5) व्हाइट हाउस पाकिस्तान पर ज्यादा विश्वास नहीं करता है।

प्र.8. अमेरिका को भारत व पाकिस्तान दोनों देशों के साथ संतुलित कूटनीतिक प्रयास क्यों करने चाहिये?

(1) क्योंकि अमेरिका पूरे दक्षिण एशिया में शांतिपूर्ण माहौल चाहता है।

(2) क्योंकि दोनों देश अमेरिका व अफगास्तिान के बीच रणनीतिक संबंध के लिये महत्वपूर्ण हैं।

(3) क्योंकि तालिबान को समाप्त करने के लिये दोनों देशों का सहयोग आवश्यक है।

(4) क्योंकि अमेरिका को अफगानिस्तान से बाहर निकलने के लिये दोनों देशों का सहयोग आवश्यक है।

(5) क्योंकि अमेरिका पाकिस्तान का ध्यान अफगानिस्तान सीमा पर केंद्रित करना चाहता है।

प्र.9. गद्यांश के अनुसार भारत की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?

(1) पाकिस्तान के साथ सीमा विवाद। 
(2) पाकिस्तान में तालिबान समस्या।

(3) अफगानिस्तान में तालिबान समस्या।
(4) अमेरिका के जाने के बाद काबुल की अनिश्चितता।

(5) अमेरिका-पाक गठबंधन।

प्र.10. अमेरिका व पाकिस्तान के बीच दूरी बढ़ने पर क्या परिणाम हो सकते हैं?

(A) चीन पाकिस्तान गठबंधन मजबूत होगा।

(B) वास्तविक नियंत्रणरेखा पर चीन की घुसपैठ बढ़ जायेगी।

(C) भारत अमेरिका गठबंधन मजबूत होगा।

(1) केवल A (2) केवल A व B (3) केवल C (4) केवल A व C (5) सभी A, B व C
उत्तर

प्र.1.(4) प्र.2.(3) प्र.3.(3) प्र.4.(1) प्र.5.(2) प्र.6.(4) प्र.7.(1) प्र.8.(3) प्र.9.(4) प्र.10.(4) 
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